चिरजाएँ

सुवाप री रिद्धु बाई मेहा घर अवतारी
देवी थारै नाम सूं ओ देशाणूं प्रख्यात है
करनल काबांवाली हाथां में त्रिशूल धारी
परचा देवी आप रा जग में विख्यात है
सिंह री करै सवारी राखै मात रखवारी
याद करतां ही मात दौड़ी दौड़ी आत है
चरणां में ठौड़ म्हानैं बगसाओ मेहतारी
द्वार पर आय दीन, ऊबो थारो पात है
      प्रह्लाद कविया प्रांजल

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